नीमा और आरोपियों ने काेरे स्टाम्प पर ड्राइवर से लगवाया था अंगूठा; एक और कर्मचारी व परिचित को लिया हिरासत में

इंदौर.  ड्राइवर प्रमोद मतकर हत्याकांड में पुलिस ने गिरफ्तार उद्योगपति हेमंत नीमा के बंगले पर शुक्रवार को आरोपियों को ले जाकर घटनाक्रम का सीन क्रिएट करवाया। वहीं, क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार रात आरोपी हेमंत नीमा के कर्मचारी व एक परिचित को हिरासत में लिया है। इनके नाम रितेश और जब्बू हैं। दोनों से ड्राइवर प्रमोद मतकर की हत्या में संलिप्तता और साक्ष्य छुपाने के मामले में पूछताछ की जा रही है। 



यह बात भी सामने आई कि नीमा और अन्य आराेपियाें ने ड्राइवर काे अगवा करने के बाद काेरे स्टाम्प पर उसका अंगूठा लगवा लिया था। नीमा के बंगले अाैर ऑफिस के सीसीटीवी कैमराें के डीवीआर पुलिस ने जब्त किए हैं। फुटेज में उसके खिलाफ अहम सुराग मिले हैं। इसी को लेकर पुलिस अपनी जांच को बढ़ा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस रिमांड पर चल रहे हेमंत नीमा, उसके बेटे पीयूष और दूसरे ड्राइवर जग्गू उर्फ जगदीश उस काेरे स्टाम्प का इस्तेमाल अपने बचाव के लिए करना चाह रहे थे। एफएसएल टीम के साथ पुलिस ने शुक्रवार को नीमा के बंगले पर जाकर तलाशी ली, लेकिन स्टाम्प नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, नीमा परिवार के कुछ अाैर लोगों को हिरासत में लेकर हत्याकांड के सबूत जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने नीमा, उसके बेटे सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया था। अब शुक्रवार को दो लोगों को हिरासत में लिया। तीन अन्य आरोपी हैं, जिन्हें सबूत जुटाकर गिरफ्तार किया जाएगा। 


नशे में दंपती को टक्कर मारकर जान लेने वाले आशु को भेजा जेल
इधर, हेमंत नीमा के छोटे बेटे आशुतोष उर्फ आशु ने गुरुवार सुबह नशे में तेज रफ्तार कार चलाकर सांवेर-हातोद रोड पर बघाना गांव के पास बाइक सवार दंपती काे टक्कर मार दी थी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। लाेगाें ने अाशु काे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। इसके बाद मृतक दंपती वृद्ध रामेश्वर और सौधरा बाई के परिजनाें ने उसके खिलाफ केस दर्ज करवाया। आशु को शुक्रवार को कोर्ट ने जेल भेज दिया। वहीं, परिजनाें ने पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि उन्हें मुआवजा दिलवाया जाए। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।